Property Tax वसूली पर सख्ती: GD गोयनका स्कूल पर 36 लाख बकाया, 50 बड़े डिफॉल्टरों को अंतिम नोटिस
नगर परिषद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, शहर के व्यावसायिक संस्थानों और बड़े कमर्शियल बिल्डिंग्स पर करोड़ों रुपये का राजस्व बकाया है। परिषद के अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई संस्थानों ने पिछले कई वर्षों से टैक्स का भुगतान नहीं किया है।

Property Tax : नगर परिषद सोहना ने करोड़ों रुपये के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। परिषद ने शहर के 50 सबसे बड़े डिफाल्टरों की सूची तैयार कर उन्हें अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इस सूची में नामी जीडी गोयनका स्कूल का नाम प्रमुखता से शामिल है, जिस पर करीब 36 लाख रुपये का टैक्स बकाया है। परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो संपत्तियों को सील कर उनकी नीलामी की जाएगी।
नगर परिषद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार शहर के व्यावसायिक संस्थानों और बड़े कमर्शियल बिल्डिंग्स पर करोड़ों रुपये का राजस्व बकाया है। परिषद के अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई संस्थानों ने पिछले कई वर्षों से टैक्स का भुगतान नहीं किया है। बार-बार नोटिस देने के बावजूद इन डिफाल्टरों का ढुलमुल रवैया परिषद की विकास योजनाओं और राजस्व लक्ष्यों में बड़ी बाधा बन रहा है।

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि अब रियायत का दौर खत्म हो चुका है। नोटिस की समय सीमा समाप्त होते ही परिषद की विशेष ‘एंटी-रिकवरी’ टीम धरातल पर उतरेगी। टीम के पास उन संपत्तियों को मौके पर ही सील करने और बैंक खातों को अटैच करने के अधिकार दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य इस वित्त वर्ष के अंत तक शत-प्रतिशत टैक्स रिकवरी सुनिश्चित करना है।
परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे सीलिंग जैसी अप्रिय कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल अपने बकाया का भुगतान करें। टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। यदि किसी संपत्ति मालिक को अपने टैक्स डेटा या गणना में कोई त्रुटि नजर आती है, तो वे ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) पोर्टल पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाकर उसे ठीक करवा सकते हैं।










